ख्वाब
ग़ज़ल
दिल के हर कोने में बस एक ख्वाब रहता है,
तुझसे मिलने का हरदम जवाब रहता है।
चाँदनी रात में तेरी यादें सजती हैं,
दिल को तसल्ली का यही हिसाब रहता है।
खामोश लम्हों में भी तेरी बातें गूँजतीं,
हर धड़कन में तेरा नाम बेहिसाब रहता है।
फूलों से खुशबू की तरह तू बसी है,
तेरा जिक्र हर पल लाजवाब रहता है।
आओ कि फिर से वो समां हसीन हो जाए,
तेरे बिना हर मंजर वीरान सा रहता है।
दीपांजलि
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